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तमिलनाडु में बिहारी मजदूरों के साथ कथित हिंसा के फर्जी वीडियो वायरल कराने के आरोपित सच तक के संचालक मनीष कश्यप को आर्थिक अपराध इकाई के बाद अब तमिलनाडु पुलिस प्रोडक्शन वारंट पर अपने साथ ले गयी है. जहां 31 मार्च या उससे पहले मदुरै की अदालत में उसकी पेशी होगी.
तमिलनाडु पुलिस मांगेगी 15 दिन का रिमांड
मदुरै कोर्ट में पेशी के बाद तमिलनाडु पुलिस कोर्ट से 15 दिनों के लिए मनीष कश्यप की रिमांड मांगेगी. रिमांड मिलने पर बिहार पुलिस के बाद तमिलनाडु पुलिस अपने राज्य में दर्ज मामलों में उससे अलग से पूछताछ करेगी. सूत्रों के अनुसार मनीष को विमान से तमिलनाडु ले जाया गया है.
31 मार्च से पहले मदुरै की अदालत में होगी पेशी
मिली जानकारी के मुताबिक आर्थिक अपराध इकाई (इओयू) के विशेष न्यायिक दंडाधिकारी आदिदेव की विशेष अदालत ने मनीष कश्यप के खिलाफ मंगलवार को प्रोडक्शन वारंट जारी किया है. इसको लेकर तमिलनाडु की पुलिस ने कोर्ट में आवेदन दे कर अनुरोध किया था. अदालत ने तमिलनाडु पुलिस को 31 मार्च तक मनीष कश्यप को मदुरै की अदालत में पेश करने का आदेश दिया है.
इओयू ने पांच दिन तक रिमांड पर मनीष से की पूछताछ
बिहारियों पर हमले के फर्जी वीडियो जारी कर उसे वायरल करने के मामले में तमिलनाडु में लगभग एक दर्जन प्राथमिकी दर्ज है. इनमें से करीब छह कांडों में मनीष कश्यप को अभियुक्त बनाया गया है. इस मामले में इओयू ने भी तीन प्राथमिकी दर्ज की हैं, जिनको लेकर उससे पांच दिन तक रिमांड पर पूछताछ की गयी.
मनीष के सहयोगी की भी हो रही तलाश
मनीष कश्यप से पूछताछ के आधार पर इओयू की टीम उसके सहयोगियों की तलाश कर रही है. मनीष के सहयोगी और यूट्यूब संचालक मणि द्विवेदी के साथ वीडियो प्रसारित करने में अहम भूमिका निभाने वाले युवराज सिंह राजपूत की भी तलाश में जगह-जगह छापेमारी की जा रही है.
Author: news24jharkhandbihar
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