पैसा लेकर भी मास्टर रोल किया जीरो,हुमाजांग पंचायत के मजदूरों ने BDO और BPO को घेरा
कांग्रेस जिलाध्यक्ष का सीधा प्रहार: पेंशन में ₹1000 और मनरेगा डिमांड पर ₹2000 फिक्स
चतरा डीडीसी का बड़ा बयान: “फर्जीवाड़ा करने वाले अधिकारियों पर होगी सख्त कार्रवाई, गठित होगी जांच टीम
प्रकाश कुमार / प्रतापपुर (चतरा)
चतरा। चतरा जिले के प्रतापपुर प्रखंड के मनरेगा मजदूरों का पैसा डकारने और सरकारी योजना में ‘कमीशन’ सेट करने के आरोप लगते हुवे ग्रामीणों ने सोमवार को प्रतापपुर बीडीओ अभिषेक पांडेय का पुतला फूंका। कांग्रेस जिला अध्यक्ष मोती पासवान के नेतृत्व में हुए इस विरोध प्रदर्शन ने पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा दिया है। चतरा के प्रतापपुर में स्थिति तब तनावपूर्ण हो गई जब कांग्रेस जिला अध्यक्ष मोती पासवान के नेतृत्व में सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण और मनरेगा मजदूर ‘विधायक मोहल्ला’ से पैदल मार्च करते हुए प्रखंड मुख्यालय पहुंचे। हाथों में विरोध की तख्तियां और जुबान पर बीडीओ का भ्रष्टाचार बंद करो और अभिषेक पांडेय होश में आओ के नारे माहौल साफ बता रहा था कि अब जनता का सब्र टूट चुका है। मुख्य चौक पर प्रदर्शनकारियों ने बीडीओ अभिषेक पांडेय का पुतला फूंका और चेतावनी दी कि यदि लूट-खसोट बंद नहीं हुई, तो आंदोलन जिला मुख्यालय तक पहुंचेगा।
मोती पासवान ने बीडीओ पर सीधा हमला बोलते हुए प्रतापपुर में चल रहे ‘कमीशनराज’ का खुलासा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि वृद्धा पेंशन: लाचार बुजुर्गों की पेंशन चालू करने के नाम पर ₹1000 की मांग की जाती है। मनरेगा डिमांड:प्रत्येक कार्य डिमांड पर ₹2000 का ‘नजराना’ फिक्स है। हुमाजांग पंचायत मामला:सबसे गंभीर मामला हुमाजांग पंचायत का है, जहां आरोप है कि बीडीओ ने कमीशन तो ले लिया, लेकिन बाद में मजदूरों का मास्टर रोल’ जीरो कर दिया। मोती पासवान ने कड़ा सवाल उठाया हैं।
इस पूरे घटनाक्रम में प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी प्रबल प्रताप नारायण की भूमिका एक बार फिर संदिग्ध नजर आ रही है। गौरतलब है कि दो महीने पहले ही चांदनी गोविंदपुर पंचायत में हुए बंदरबांट को लेकर इन्हें ‘शोकॉज’ नोटिस दिया जा चुका है। इसके बावजूद उमाजांग पंचायत की जनता ने एक बार फिर उनके खिलाफ मोर्चा खोला है। भ्रष्टाचार के मामले में लगातार सुर्खियों में रहने वाले बीपीओ पर कार्रवाई न होना, जिला प्रशासन की मंशा पर भी सवालिया निशान लगाता है।
पुतला दहन पर बीडीओ ने दिया सफाई और डीडीसी का कड़ा रुख
इधर, आरोपों पर अपनी सफाई देते हुए बीडीओ अभिषेक पांडेय ने कहा कि सभी आरोप निराधार और राजनीति से प्रेरित हैं। उन्होंने दावा किया कि मौके पर लेबर नहीं पाए जाने के कारण ही मास्टर रोल को जीरो किया गया है। हालांकि, इस पूरे मामले पर चतरा डीडीसी अमरेंद्र कुमार सिन्हा ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि हमें मीडिया के माध्यम से मनरेगा में फर्जी मास्टर रोल और अवैध वसूली की जानकारी मिली है। कई पंचायतों में जांच जारी है और जहाँ भी मृत व्यक्तियों के नाम पर या फर्जी मास्टर रोल के जरिए पैसा निकाला गया है, वहां दोषियों को चिह्नित कर कार्रवाई की जा रही है। जल्द ही एक विशेष जांच टीम गठित की जाएगी जो सभी प्रखंडों में गहन जांच करेगी।
Author: news24jharkhandbihar
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