बड़कागांव। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के आमंत्रण पर बेंगलुरु में अयोजित ओबीसी सलाहकार परिषद की बैठक में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की राष्ट्रीय सचिव पश्चिम बंगाल की सह प्रभारी पूर्व विधायक अंबा प्रसाद भी शामिल हुई। इनके अलावा झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश एवं विधायक दल के नेता प्रदीप यादव भी उपस्थित रहें।
इस दौरान पूर्व विधायक अंबा प्रसाद का बेंगलुरु हवाई अड्डे पर कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस के पदाधिकारियों के द्वारा परंपरागत तरीके से भव्य स्वागत किया। विदित हो कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने अपने शीर्ष नेताओं को लेकर एक ओबीसी समिति गठित की है। ओबीसी वर्ग से जुड़े डेटा इकट्ठा करने और उनके अहम मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने की जिम्मेदारी इन्हीं नेताओं को दी गई है। ओबीसी संगठनों और विशेषज्ञों के दावों के अनुसार, देश की आबादी में करीब 55 से 60 फीसदी मतदाता ओबीसी वर्ग से आते हैं। देशभर में लगभग 96 जातियां ओबीसी श्रेणी में आती हैं। ऐसे में सरकार बनाने में ओबीसी वोटर्स की भूमिका किसी भी दल के लिए निर्णायक मानी जाती है।
इस अवसर पर अंबा प्रसाद में प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि ओबीसी समुदाय से आने वाले नेताओं को जमीनी स्तर से लेकर प्रदेश नेतृत्व में बड़ी जिम्मेदारी देना अति आवश्यक है। उन्होंने कहा कि वो लगातार जातिगत जनगणना की पुरजोर वकालत कर रही है। ये भी उसी रणनीति का हिस्सा है। हक और हिस्सेदारी की बात करके वो लगातार अपना एजेंडा सेट कर रही है।
Author: news24jharkhandbihar
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