…..डिजिटल इंडिया का आर्किटेक्ट, सूचना तकनीक वा दूरसंचार क्रांति का जनक माने जाते हैं राजीव गांधी
अरुण यादव, केरेडारी
भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गाँधी की जन्म 20 अगस्त 1944 को मुंबई में हुवा था। राजीव गांधी के जन्म दिन को सद्भावना दिवस के रूप में मनाया जाता है।राजीव गांधी ने समस्त भारत में सत्ता के विकेंद्री करण पंचायती राज व्यवस्था को लागू किए। जो आज भारत के कोने-कोने में मुखिया सरपंच जिला परिषद, जिला परिषद अध्यक्ष नगर परिषद एवं वार्ड पारषद का संवैधानिक अधिकार मिला है। सत्ता के विकेंद्रीकरण के अलावा राजीव ने सरकारी कर्मचारियों के लिए 1989 में 5 दिन काम का प्रावधान भी लागू किए। ग्रामीण बच्चों के लिए प्रसिद्ध नवोदय विद्यालयों के शुभारंभ का श्रेय भी राजीव गांधी को जाता है।
राजीव गांधी ने मतदान का उम्र सीमा 21 से घटाकर 18 साल किया गया था
राजीव गांधी ने इनकम और कॉर्पोरेट टैक्स घटाया, लाइसेंस सिस्टम सरल किया और कंप्यूटर, ड्रग और टेक्सटाइल जैसे क्षेत्रों से सरकारी नियंत्रण खत्म किया साथ ही कस्टम ड्यूटी भी घटाई और निवेशकों को बढ़ावा दिया। भारत के अर्थव्यवस्था को बाहरी दुनिया की खुली हवा महसूस करवाने का श्रेय राजीव गांधी को जाता है। युवाशक्ति की ताकत मतदान उम्र सीमा 21 से घटाकर 18 साल करने के राजीव के फैसले से 5 करोड़ युवा मतदाता और बढ़ गए। इस फैसले का कुछ विरोध भी हुआ था। लेकिन राजीव को यकीन था कि राष्ट्र निर्माण के लिए युवाशक्ति का दोहन जरूरी है। ईवीएम मशीनों को चुनावों में शामिल करने समेत कई बड़े चुनाव सुधार किए गए। ईवीएम के जरिए उस दौर में बड़े पैमाने पर जारी चुनावी धांधलियों पर रोक लगी थी।
दूरसंचार क्रांति का जनक माने जाते हैं राजीव गांधी
दूररसंचार क्रांति यह राजीव गांधी ही थे, जिन्होंने भारत में दूरसंचार क्रांति लाये। आज जिस डिजिटल इंडिया की चर्चा है। उसकी कल्पना राजीव गांधी के दौर में शुरू किया गया था। उन्हें डिजिटल इंडिया का आर्किटेक्ट और सूचना तकनीक और दूरसंचार क्रांति का जनक कहा जाता है। राजीव गांधी की पहल पर अगस्त 1984 में भारतीय दूरसंचार नेटवर्क की स्थापना भी किया गया था। सेंटर पार डेवलप मेंट ऑफ टेलीमैटिक्स (C-DOT) की स्थापना हुई। इस पहल से शहर से लेकर गांवों तक दूरसंचार का जाल बिछना शुरू हुआ। जगह-जगह पीसीओ खुलने लगे जिससे गांव की जनता भी संचार के मामले में देश-दुनिया से जुड़े। फिर 1986 में राजीव की पहल से ही एमटीएनएल की स्थापना हुई, जिससे दूरसंचार क्षेत्र में और प्रगति हुई।
राजीव गांधी के भाषणों में हमेशा 21वीं सदी में प्रगति का जिक्र हुआ करतें थे। उन्हें विश्वास था कि इन बदलावों के लिए अकेले तकनीक ही सक्षम है। उन्होंने टेलीकॉम और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी सेक्टर्स में विशेष काम करवाया सिक्के वाले फोन जो मोबाइल के चलते अब अतीत में बदल चुके हैं। राजीव को अगले दशक में होने वाली तकनीक क्रांति के बीज बोने का श्रेय भी जाता है। उनकी सरकार ने पूरी तरह असेंबल किए हुए मदरबोर्ड और प्रोसेसर लाने की अनुमति दी इसकी वजह से कंप्यूटर सस्ते हुए। ऐसे ही सुधारों से नारायण मूर्ति और अजीम प्रेमजी जैसे लोगों को विश्वस्तरीय आईटी कंपनियां खोलने की प्रेरणा मिली।
Author: news24jharkhandbihar
सबसे तेज, सबसे आगे





