बड़कागांव संवाददाता कुलदीप कुमार
कर्णपुरा महाविद्यालय बड़कागांव के समाज शास्त्र विभाग के तत्वावधान में “छात्र कल्याण एवं व्यक्तित्व विकास में स्कॉलरशिप (छात्रवृत्ति) की भूमिका” विषय पर एक सेमिनार प्राचार्य डॉ. कीर्तिनाथ महतो की अध्यक्षता में आयोजन किया गया। सेमिनार का संचालन समाजशास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ पवन कुमार ने किया । कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ बालेश्वर महतो एवं प्राचार्य द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित करके किया गया।
सेमिनार का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति के महत्व, शैक्षणिक विकास में इसकी उपयोगिता तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास में इसकी भूमिका के प्रति जागरूक करना है। सेमिनार में छात्र कल्याण से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई।
सेमिनार के मुख्य अतिथि डॉ. बालेश्वर महतो थे जिन्होंने अपने अभिभाषण में कहा कि– छात्रवृत्ति आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा प्राप्त करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई जारी रखने, शैक्षणिक संसाधन प्राप्त करने तथा अपनी प्रतिभा और क्षमताओं को विकसित करने का अवसर मिलता है।
मुख्य वक्ता के रूप में पूर्व प्राचार्य प्रोफेसर ज्योति जलधर सर थे जिन्होंने कहा कि– छात्रवृत्ति के माध्यम से शिक्षा के अवसरों में समानता को बढ़ावा मिलता है तथा आर्थिक कठिनाइयों के कारण पढ़ाई छोड़ने की समस्या को कम करने में सहायता मिलती है।
प्राचार्य डॉ. कीर्तिनाथ महतो ने कहा कि विद्यार्थियों का शैक्षणिक, सामाजिक एवं नैतिक विकास किसी भी शिक्षण संस्थान की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। जब विद्यार्थियों को उचित मार्गदर्शन, आर्थिक सहयोग और बेहतर शैक्षणिक वातावरण प्राप्त होता है, तब वे अपने व्यक्तित्व का समुचित विकास करते हुए समाज और राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
शिक्षक प्रतिनिधि डॉ. निरंजन पसाद नीरज ने कहा कि विद्यार्थियों को विभिन्न सरकारी छात्रवृत्ति योजनाओं, उनकी पात्रता, आवेदन प्रक्रिया तथा आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी के प्रति जागरूक रहने की आवश्यकता है। साथ ही विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति योजनाओं का लाभ उठाने के लिए समय पर आवेदन करने और शैक्षणिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किए।
कार्यक्रम में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि छात्रवृत्ति केवल आर्थिक सहायता का साधन नहीं है, बल्कि यह विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता, जिम्मेदारी और सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।धन्यवाद् ज्ञापन परीक्षा नियंत्रक प्रो. मो. फ़ज़रुद्दीन ने किया ।
इस अवसर पर यह संदेश दिया गया कि “छात्र कल्याण से ही सशक्त समाज का निर्माण संभव है।” सेमिनार का समापन राष्ट्रगान के साथ किया गया।
सेमिनार में प्रो लालदेव महतो, डॉ. सुरेश महतो, प्रो. नरेश कुमार दांगी, डॉ. अनु कुमारी,प्रो.ऋतुराज दास, डॉ रंजीत प्रसाद, डॉ ललिता कुमारी, डॉ दिव्या शालू, डॉ सनवीर कुमार, प्रो काजल , सी. एस. सी. ( प्रज्ञा केंद्र) संचालक मो. कामिल , शिक्षकेत्तर कर्मचारियों सहित महाविद्यालय के सैंकड़ों छात्र छात्राएं उपस्थित थे।
Author: news24jharkhandbihar
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