रैयतों के विरोध का विधायक रौशन लाल चौधरी ने किया समर्थन, कहा रैयत हक के लड़ाई बीते 3 साल से लड़ रहे हैं
बड़कागांव (हजारीबाग)। गोंदलपुरा कोल खनन परियोजना को लेकर प्रस्तावित पर्यावरणीय लोक सुनवाई सोमवार को ग्रामीणों के भारी विरोध के कारण रद्द हो गया। पर्यावरणीय लोक सुनवाई का स्थानीय रैयतों और विस्थापन विरोधी संगठनों ने लोकसुनवाई को असंवैधानिक बताते हुए जमकर हंगामा किया, और बने पंडाल में घुस कर काफी तोड़ फोड़ मचा दिए। इस घटना से बड़कागांव हाई स्कूल का मैदान रण क्षेत्र में तब्दील हो गया। विरोधकारियों ने हरवे हथियार के साथ लोक सुनवाई में पहुंचे बाहरी लोगों को खदेड़ कर भगा दिया। ग्रामीणों के बढ़ते आक्रोश को देख तैनात पुलिस कर्मी भी नतमस्तक दिखे।
रैयतों का आरोप है कि कंपनी प्रबंधन ने स्थानीय प्रभावित लोगों को लोक सुनवाई स्थल में प्रवेश नहीं करने दिया, जबकि बाहरी लोगों को चारपहिया वाहनों से लाकर डाक बंगला स्थित अपने कार्यालय में रातभर ठहराया। इन लोगों को नौकरी, रुपये नकद और कंबल देने का लालच देकर रैयत बनाकर लोक सुनवाई में बैठाने का प्रयास किया गया था। जिसका विरोध करते हुवे स्थानीय रैयतों ने कंपनी का विरोध जताते हुवे हुड़दंग मचाएं। ग्रामीणों के विरोध का समर्थन स्थानीय विधायक रौशन लाल चौधरी, पूर्व विधायक अंबा प्रसाद ने भी दिया। साथ ही आयोजित जनसुवाई को रद्द करवाएं। विधायक रौशन लाल चौधरी ने कहा कि मैं हमेशा गोदलपुरा के रैयतों के साथ रहा हूं, इनका लड़ाई बीते 3 सालों से चल रहा हैं। मैं कई बार रैयतों के हक अधिकार के मांग विधानसभा पटल में रखे। परंतु ये सरकार किसी की नहीं सुनती।
ग्रामीणों ने बताया कि रैयत शांतिपूर्वक लोक सुनवाई स्थल पर जाना चाहते थे, लेकिन चिरैया नदी के पास बैरिकेटिंग कर उन्हें रोक दिया गया। कंपनी और पुलिस प्रशासन के ताना शाही रवैया से ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। और लोक सुनवाई का विरोध करते हुवे सभा स्थल में पहुंच कर हंगामा करते हुवे पंडाल में रखे कुर्सी, टेबल, टेंट को लाठी डंडे से पीट पीट कर क्षतिग्रस्त कर दिया। इस घटना से कंपनी को लाखों रुपए का नुकसान हुआ हैं।
Author: news24jharkhandbihar
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