टंडवा(चतरा)।सिमरिया विधानसभा के विधायक किसुन कुमार दास ने सीसीएल की मगध-आम्रपाली क्षेत्र की अधिगृहित गैरमजरूआ जमीन पर नौकरी देने व बड़गांव उच्च विद्यालय में जमीन अतिक्रमण का मामला विधानसभा में उठाया। उन्होंने कहा कि टंडवा प्रखंड में मगध- संघमित्रा और आम्रपाली – चंद्रगुप्त कोल परियोजना में कोयला खनन हेतु भूमि अधिग्रहित की गई है। जिसमें अधिग्रहित गैरमजरूआ जमीन (जंगल- झाड़) पर जिला प्रशासन द्वारा सत्यापन के बाद भी सीसीएल द्वारा वन विभाग से अनापत्ति की बात कहकर नौकरी मुआवजा नही दी जा रही है। उन्होंने सरकार से पूछा कि क्या सरकार अधिग्रहित गैरमजरूआ भूमि पर नौकरी मुआवजा देना चाहती है। जवाब में झारखंड सरकार के राजस्व निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग के प्रभारी मंत्री ने कहा कि गैरमजरूआ खास जंगल- झाड़ी भूमि पर जिला प्रशासन से एनओसी व स्वामित्व सत्यापन तथा भारत सरकार के पर्यावरण व वन मंत्रालय के फारेस्ट डायवर्सन के बाद सीआईएल द्वारा आर आर पॉलिसी 2012 के तहत नौकरी देती है। वही टंडवा प्रखण्डके बड़गांव उत्क्रमित उच्च विद्यालय की भूमि पर ग्रामीणों द्वारा जबरन अतिक्रमण करने का मामला भी उठाया। जिसमें सरकार से सवाल किया कि क्या बडगांव उच्च विद्यालय की भूमि पर ग्रामीणों द्वारा जबरन कब्जा कर घर बना दिया गया है। जिससे विद्यालय के भवन निर्माण को लेकर जगह की कमी हो रही है। उन्होंने कहा कि अगर उत्तर स्वीकारात्मक है तो सरकार भूमि को अतिक्रमण मुक्त कर कब्जाधारियों पर कार्रवाई करने का विचार रखती है। जवाब में सरकार ने प्रश्न को स्वीकार करते हुए कहा विद्यालय की 1.83 डिसमिल भूमि चार व्यक्तियों द्वारा अतिक्रमित है। अतिक्रमण मुक्त कराने को लेकर सम्बंधित अतिक्रमणकारियों को जिला स्तर से नोटिस निर्गत किया गया है। तीस दिनों के अंदर उक्त परिसर को अतिक्रमणकारियों से मुक्त कराने की बात सरकार द्वारा कही गई। विधायक द्वारा सीसीएल की मगध आम्रपाली में मुआवजा और नौकरी तथा बड़गांव उच्च विद्यालय की भूमि पर अतिक्रमण का मामला विधानसभा में उठाए जाने पर प्रखंडवासियों ने विधायक के प्रति आभार जताया है।
Author: news24jharkhandbihar
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