बाल श्रम के खिलाफ श्रम विभाग अधीक्षक ने होटलों में किया छापामारी, 2 बाल मजदूरों को कराया मुक्त

होटल मालिकों के विरुद्ध मामला दर्ज व वसूले 20-20 हज़ार का जुर्माना



हजारीबाग। बरही वा चौपारण में हाइवे पथ के किनारे चल रहे दर्जनों होटल, ढाबा, रेस्टोरेंट में बाल श्रमिक के विरूद्ध श्रम अधीक्षक अनिल कुमार रंजन के नेतृत्व में छापामारी किया गया। 25 अप्रैल को छापामारी होटलों से 2 बाल श्रमिक को मुक्त कराया गया। जिसमे कल्लु कुमार उम्र-13 वर्ष पिता राजेन्द्र मांझी ग्राम बाघा पो०- बान्देगडा जिला- गया (बिहार) को न्यू हरियाणा पंजाब होटल मालिक विजय साव के यहाँ से विमुक्त कराया गया। जबकि दूसरा बाल श्रमिक गौतम कुमार उम्र 13 वर्ष पिता नंद प्रसाद ग्राम प्रतापपुर थाना प्रतापपुर चतरा को हंगरीला रेस्टोरेंट मालिक सतीश कुमार सिन्हा बैहरा आश्रम चौपारण से मुक्त कराया गया। दोनों बाल श्रमिकों को बाल कल्याण समिति हजारीबाग को सौंपा गया है।

छापामारी में शामिल अधिकारी

दोनों होटल मालिकों के विरूद्ध चौपारण थाना में बाल श्रमिक अधिनियम 1986 की धारा 3(1) के उल्लंघन के मामले में श्रम अधीक्षक के द्वारा प्राथमिकी दर्ज किया गया है। इसके आलावे दोनो मालिकों से 20-20 हजार रूपये का आर्थिक दण्ड वसूल कर बाल श्रमिक पुनर्वास सह-कल्याण कोष में जमा किया गया।

श्रम अधीक्षक ने कहा बाल श्रमिक के विरुद्ध अभियान जिले में निरंतर जारी रहेगा। बालश्रम करवाना समाजिक एवं कानूनन अपराध है। इसमें 6 माह से 2 वर्ष तक जेल हो सकती है। 14 वर्ष के नीचे के बालक को किसी भी प्रतिष्ठान, ढाबा, होटल वा कारखाना में काम नहीं लेना है।
बाल श्रम के विरूद्ध चलाए गए अभियान में श्रम अधीक्षक के अलावा बाल कल्याण समिति के मुन्ना पाण्डेय, जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी संजय प्रसाद तथा चौपारण थाना के अवर निरीक्षक आकाश कुमार शामिल थे।

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Author: news24jharkhandbihar

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