हजारीबाग। हजारीबाग जिला भर में सुहागिन महिलाओं ने 19 मई को वट वृक्ष का पूजन कर अपने पति की लंबी उम्र की कामना की। व्रत में सुहागिन महिलाएं गहनों से सज -धज कर वट वृक्ष के नीचे पूजन सामग्री के साथ पूजन की। सुहागिन महिलाओं ने व्रत में वट वृक्ष को रक्षा सूत्र से बांधकर फेरे लगाएं। पूजन के बाद सुहागिन महिलाएं वट वृक्ष के पत्ता को अपनी बालों में लगाती है। पुजारी के द्वारा विधि विधान से मंत्रोच्चारण के साथ वट सावित्री की पूजा किए। और पति को यमदूत से बचाने तथा सावित्री, सत्यवान के कथा सुने। पूजन के उपरांत घर आकर सुहागिन महिलाएं पति के माथे पर तिलक लगाकर आरती कर पति के हाथों में रक्षा सूत्र बांध कर पैर छूकर आशीर्वाद लिए। बाद वट वृक्ष के पत्ते या बांस से बना पंखा झेले।
वट सावित्री व्रत सत्यवान और सावित्री की कथा से जुड़ा हुआ है। बताया जाता है कि माता सावित्री अपने पति सत्यवान की जीवन की रक्षा करते हुए यमराज से अपने पति के प्राणों को रक्षा की थी। माता सावित्री के पतिव्रता की शक्ति से यमराज को भी हार मानना पड़ा था। उस दिन से सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु सौभाग्य तथा पुत्र प्राप्ति के लिए व्रत रखने के साथ बरगद के पेड़ की पूजा करती हैं।
Author: news24jharkhandbihar
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