आंदोलन को समर्थन देने के लिए गोंदलपुरा पहुंचे भाकपा माले के राष्ट्रीय महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य

 

बड़कागांव संवाददाता कुलदीप कुमार 

 

प्रखंड अंतर्गत ग्राम गोंदलपुरा में 1200 से अधिक दिनों से रैयत कोल खनन कंपनियों के आवंटन को रद्द कराने को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। रैयतों के आंदोलन को समर्थन देने के लिए भाकपा माले के राष्ट्रीय महासचिव कॉमरेड दीपांकर भट्टाचार्य गोंदलपुरा स्थित धरना स्थल पहुंचे। इस दौरान ग्रामीणों ने कहा के हम लोग एनटीपीसी बादम कोल खनन परियोजना, जेएसडब्लू मोतरा कोल खनन परियोजना, अदाणी गोंदलपुरा कोल खनन परियोजना सहित अन्य कोल खनन परियोजना को रद्द कराने के लिए 1217 दिनों से लगातार धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। हमारी जमीन बहु फसलीय है। यहां हाथियों का कॉरिडोर है, जंगलों में विभिन्न प्रकार के जीव जंतु का वास है साथ ही विभिन्न प्रकार के पौधे और वृक्ष हैं। यहां की नदी दामोदर घाटी का उदगम नदी है। हमारे आंदोलन को दबाने के लिए 40 से अधिक फर्जी मुकदमा किसानों के ऊपर किया गया है। जिसमें लगभग 600 लोगों को अभियुक्त बनाया गया है। कई लोग जेल गए और वर्तमान में भी तीन लोग जेल में बंद हैं। हम लोग किसी भी कंपनी को जमीन नहीं देंगे, साथ ही यहां पर किसी भी कोल खनन कंपनी को स्थापित नहीं होने देंगे।

ग्रामीणों की बातों को सुनने के बाद कामरेड दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा हम आज यहां की स्थिति से अवगत होने और यहां के किसान के आंदोलन को समर्थन देने के लिए आए हैं। शीतकालीन सत्र में लोकसभा और विधानसभा में माले के सांसद और विधायक के द्वारा यहां की आवाज को उठाने का काम करेंगे। सितंबर में पंजाब में किसानों का बड़ा कार्यक्रम आयोजित होने जा रहा है। वहां भी यहां के किसानों के द्वारा किए जा रहे आंदोलन की बात उठाऊंगा। यहां का आंदोलन पूरे देश के लिए मिसाल है। इतने लंबे समय तक सामूहिक आंदोलन कहीं भी नहीं हुआ है।

मौके पर मुख्य रूप से उत्तराखंड से कैलाश पांडेय, जेएनयू के कामरेड विस्मय, समाजसेवी नकुल महतो,कामरेड हल्दर महतो, बी एन सिंह, आइसा के राज्य सचिव त्रिलोकी नाथ, माले के झारखंड राज्य सचिव मनोज भक्त, पूर्व विधायक राजकुमार यादव सहित सैंकड़ों ग्रामीण उपस्थित थे।

news24jharkhandbihar
Author: news24jharkhandbihar

सबसे तेज, सबसे आगे

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *