सूरज कुमार/महुआडांड
महुआ डांड। झारखंड में लगातार दूसरे वर्ष सूखे का संकट गहरा रहा है। पिछली बार सूखा झेल चुके झारखंड के किसानों को इस साल भी मानसून की बारिश चकमा दे रही है। आधा सावन बीत चुका है पर राज्य में अभी तक मात्र 47 फीसदी बारिश हुई है। इसके चलते राज्य में धान की रोपनी मात्र 13 फीसदी ही हो पायी है। राज्य में बारिश की स्थिति अच्छी नहीं है। जुलाई खत्म होने को है, लेकिन राज्य में रोपनी महज 13 फीसदी ही हुई है। सामान्य स्थिति में अब तक राज्य में 434 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन अब तक 236 मिमी ही बारिश हुई है। राज्य में 18 लाख हेक्टेयर खेतों में धान लगाने का लक्ष्य है, जिसके विरुद्ध महज 2.30 लाख हेक्टेयर (12.77 ) में ही रोपनी हुई है।
झारखंड के सात जिलों में सर्वाधिक संकट
राज्य के सात जिलों गढ़वा, पलामू, लातेहार, रांची, सिमडेगा, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला में स्थिति ज्यादा खराब है। यहां धान की रोपनी नहीं के बराबर हुई है। साहिबगंज जिला में अबतक सामान्य से पांच फीसदी कम बारिश हुई है। एक जून से अबतक 538.6 एमएम बारिश होनी थी। अबतक 510.6 एमएम बारिश हुई है। जुलाई में सामान्य वर्षापात 289.90 एमएम के विरूद्ध अबतक जिला में 185.2 एमएम बारिश हुई है। जिला में 49 हजार हेक्टेयर भूमि पर धनरोपनी का लक्ष्य है। इसका असर धनरोपनी पर पड़ा है।
Author: news24jharkhandbihar
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