सूरज कुमार/ महुआडांड़
महुआडांड़ प्रखंड अंतर्गत संत जेवियर कॉलेज में शिक्षा परियोजना लातेहार के द्वारा 7 जुलाई को संत जेवियर्स महाविद्यालय महुआडांड़ में बैठक किया गया। बैठक की अध्यक्षता जिला शिक्षा अधीक्षक कविता खलखो ने की। उन्होंने कहा कि सरकार समाज के अंतिम व्यक्ति तक शिक्षा पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। महुआडांड़ जैसे सुदूरवर्ती क्षेत्र को शिक्षा के माध्यम से ही मुख्यधारा से जोड़ा जा सकता है। उन्होंने सभी अधीनस्थ अधिकारियों, शिक्षको और क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों से क्षेत्र में शिक्षा की स्थिति, समस्या और समाधान पर विचार विमर्श किया।

महाविद्यालय के प्राचार्य फादर डॉ. एम के जोस ने कहा कि बच्चे देश के भविष्य हैं और भविष्य निर्माण का महत्वपूर्ण जिम्मेदारी शिक्षकों के कंधों पर होता है। शिक्षा डिग्री प्राप्ति का नहीं बल्कि व्यक्तित्व निर्माण का माध्यम होता है। प्रखंड विकास पदाधिकारी अमरेंद्र डांग ने चिंता जाहिर करते हुए कहा कि अभिभावकों में जागरूकता की कमी के कारण आदिवासी गांव में बच्चे स्कूल नहीं जा रहे हैं। स्थानीय प्रशासन अपने स्तर से जागरुकता अभियान चला रही है। इस अवसर पर प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी घनश्याम चौबे ने स्कूलों में शिक्षकों और अवसंरचना की कमी पर ध्यान आकृष्ट किया।
मौके पर प्रमुख कंचन कुजूर, बीस सूत्री अध्यक्ष सह उप प्रमुख अभय मिंज, नाहिद जमाल, राम प्रसाद राम, खुर्शीद खान, संजित कुमार, सुनील कुमार वर्मा, विक्रम मिंज, सुशांत कुमार, नीता कुमारी समेत कई लोग उपस्थित थे।
Author: news24jharkhandbihar
सबसे तेज, सबसे आगे








