आज का खास : अक्षय तृतीया आज, बन रहा है अत्यंत दुर्लभ संयोग, आज जानिए खरीदारी का महत्व

आज का पंचांग

आज का अंग्रेजी दिनांक : 23.04.2023
श्रीसंवत् २०८० शक: १९४५ सौम्ययायन याम्यगोल: वसंत ऋतु।
हिन्दी माह : वैशाख
पक्ष: शुक्ल
तिथि : तृतीया प्रातः 8:06 बजे तक उसके बाद चतुर्थी तिथि का प्रवेश।
दिन: रविवार
नक्षत्र : रोहिणी
योग : सौभाग्य
सूर्योदय : सुबह 05:36 बजे।
सूर्यास्त : शाम 06:24 बजे।
(ध्यानार्थ… यहां सूर्योदय और सूर्यास्त का समय श्रीहृषीकेश पंचांग के अनुसार है)।
सूर्य : मेष राशि में।
चंद्रमा : वृष राशि में।
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आज का दिशा शूल : पश्चिम।
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आज का राहुकाल :
शाम 4:30 से 6:00 बजे तक।
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आज का पर्व-त्यौहार और मुहूर्त: अक्षय तृतीया, वैनायकी श्रीगणेश चतुर्थी व्रत, विपणिव्यापार, जातकर्म, प्रसूति स्नान, धान्य रोपण, वाहन क्रय विक्रय।
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आज का खास:

अक्षय तृतीया आज, बन रहा है अत्यंत दुर्लभ संयोग, जानिए खरीदारी का महत्व

आज अक्षय तृतीया है। आज के दिन शुभ मुहूर्त में सोने-चांदी की खरीदारी करने और देव आराधना करने से विशेष लाभ मिलता है। आज ग्रह-नक्षत्रों का विशेष संयोग बन रहा है। आज सूर्य, और शुक्र उच्च राशि में रहेंगे वहीं शनि स्वराशि में विराजमान रहेंगे। साथ ही मेष राशि में चतुर्ग्रही योग का निर्माण हो रहा है। अभी मेष राशि पर सूर्य, बुध, गुरु और राहु गोचर कर रहे हैं। ऐसे में चतुर्ग्रही योग बन रहा है। इतना ही नहीं आज सौभाग्य और शोभन नामक शुभ योग बन रहे हैं। ऐसे में आज के दिन किसी भी शुभ कार्य को करने के लिए शुभ मुहूर्त नहीं देखा जाएगा।

आज के दिन की गई खरीदारी से दूर हो जाते हैं कई कष्ट

सोना धातु को अक्षय माना गया है यानी यह कभी भी नष्ट नहीं होता है। इसलिए आज के दिन इस पवित्र धातु की खरीदारी करने से सुख-समृद्धि में बढ़ोतरी होती है और परिवार में खुशहाली आती है। जो लोग सोने की खरीदारी नहीं कर सकते हैं, वह किसी भी धातु से बनी भगवान की मूर्ति घर ला सकते हैं। इसके साथ अक्षय तृतीया के दिन कलपुर्जे, चल-अचल संपत्ति जैसे, वाहन या जमीन की खरीदारी को भी शुभ माना जाता है। शास्त्रों में यह बताया गया है कि अक्षय तृतीया के दिन शादी के लिए मुहूर्त निकलवाने की आवश्यकता नहीं पड़ती है। नारद पुराण, पद्म पुराण एवं स्कंद पुराण में भी इस विषय का उल्लेख है। साथ ही यह भी कहा गया है कि आज के दिन कन्या दान करने से व्यक्ति को महादान के समान फल की प्राप्ति होती है। लेकिन इस साल गुरु अस्त होने के कारण शादी का कोई लग्न नहीं है।

अक्षय तृतीया पर स्नान और दान का है विशेष महत्त्व

अक्षय तृतीया के दिन स्नान-दान को विशेष महत्व दिया गया है। इस विशेष दिन पर जमीन, तिल, सोना, कपड़ा, गुड़, शहद, घी, वस्त्र, चना, गीता, गौ, खरबूजा, नमक या कन्यादान इन सभी में से किसी एक चीज को दान करने से व्यक्ति को अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। साथ ही जरूरतमंद लोगों को भोजन भी कराने से अपार सुख और समृद्धि मिलती है।
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आलेख…
पं. चेतन पाण्डेय
जन्मकुण्डली, वास्तु व कर्मकांड परामर्श
संपर्क : 9905507766

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Author: news24jharkhandbihar

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