आज का खास : भगवान विष्णु को प्रिय है वैशाख मास, इस महीने पूजा और स्नान-दान से मिलता है कभी न खत्म होने वाला पुण्य
आज का पंचांग
आज का अंग्रेजी दिनांक : 28.04.2023
श्रीसंवत् २०८० शक: १९४५ सौम्यायन सौम्यगोल: वसंत ऋतु।
हिन्दी माह : वैशाख
पक्ष: शुक्ल
तिथि : अष्टमी
दिन: शुक्रवार
नक्षत्र : पुष्य
योग : शूल
सूर्योदय : सुबह 05:33 बजे।
सूर्यास्त : शाम 06:27 बजे।
(ध्यानार्थ… यहां सूर्योदय और सूर्यास्त का समय श्रीहृषीकेश पंचांग के अनुसार है)।
सूर्य : मेष राशि में।
चंद्रमा : कर्क राशि में।
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आज का दिशा शूल : पश्चिम।
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आज का राहुकाल :
दिन में 10:30 से 12:00 बजे तक।
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आज का पर्व-त्यौहार और मुहूर्त: श्री बगलामुखी जयंती, भगवान सूर्य का भरणी नक्षत्र में प्रवेश, जातकर्म, नामकरण, जल यंत्र कर्म, विपणिव्यापार, वाहन क्रय-विक्रय, सेवारम्भ।
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आज का खास:
धर्म-कर्म : भगवान विष्णु को प्रिय है वैशाख मास, इस महीने पूजा और स्नान-दान से मिलता है कभी न खत्म होने वाला पुण्य
वैशाख माह का पुराणों में बहुत खास बताया गया है। ग्रंथों के मुताबिक वैशाख महीने में खासतौर से भगवान विष्णु की पूजा करने का विधान बताया गया है। साथ ही इस महीने में पीपल और तुलसी पूजा भी करने की परंपरा है। ऐसा करने से कई यज्ञों का पुण्य मिलता है। साथ ही जाने-अनजाने में हुए पाप भी खत्म हो जाते हैं। वैशाख भगवान विष्णु का प्रिय महीना है।
पंचामृत का विशेष भोग
वैशाख महीने को माधव मास भी कहा जाता है। इस महीने भगवान विष्णु को पंचामृत और तुलसी दल का भोग लगाना चाहिए। सफेद और पीले पुष्प चढ़ाने से पूजा विशेष फलदायी बन जाती है।
नदियों में गंगा हैं श्रेष्ठ
इस महीने में प्यासे को जल पिलाने से गंगा स्नान का फल मिलता है। महर्षि नारद ने कहा था कि जिस तरह देवताओं में विष्णु, नदियों में गंगा श्रेष्ठ है, उसी तरह वैशाख को विष्णु के प्रिय होने से श्रेष्ठ महीना माना गया है। वैशाख महीने में गंगा स्नान का खास महत्व है।
श्रीहरि व देवी उपासना का खास महीना
वैशाख खासतौर से श्रीहरि व देवी और परशुरामजी की उपासना का महीना है। इस महीने विष्णु पूजा, गंगा और अन्य पवित्र नदियों में स्नान-दान का कई गुना फल मिलता है। इस महीने अच्छी सेहत के लिए जल के साथ सत्तू का सेवन लाभकारी है। वैशाख महीने में भगवान विष्णु के छठे अवतार भगवान परशुराम अवतार की पूजा का विशेष महत्व है। इस महीने के शुक्लपक्ष की तृतीया पर इनकी विशेष पूजा की जाती है। इसी दिन अक्षय तृतीया पर्व मनाया जाता है। इस तृतीया के साथ ही वैशाख में आने वाली वरुथिनी और मोहिनी एकादशी का व्रत करने से कभी न खत्म होने वाला पुण्य मिलता है। वैशाख महीने में किए जाने वाले धर्म-कर्म से जाने-अनजाने में हुए हर तरह के पाप खत्म हो जाते हैं।
वैशाख में दान का है खास महत्व
वैशाख माह में स्नान के साथ दान का भी खास महत्व है। इस महीने जरूरतमंदों के लिए पियाऊं की व्यवस्था करना काफी पुण्य प्रद माना गया है। इस महीने चरण पादुका, चना, सत्तू, छाता, वस्त्र, चारपाई, गौ, गीता, पीले रंग के वस्तु, का दान काफी लाभदायक होता है।
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आलेख…
पं. चेतन पाण्डेय
जन्मकुण्डली, वास्तु व कर्मकांड परामर्श
संपर्क : 9905507766
Author: news24jharkhandbihar
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