महुआडांड़ (लातेहार)। झारखंड के प्रसिद्ध पर्यटक स्थलों में से एक हैं नेतरहाट। परंतु नेतरहाट में पानी सप्लाई बंद होने से लोग परेशान हैं। पेयजल विभाग के द्वारा बने टंकी से ही पूरे क्षेत्र में पानी की सप्लाई की जाती है। जो लगभग डेढ़ महीना से पानी टंकी में मोटर खराब हो जाने के कारण पानी आपूर्ति बंद पड़ी है। पानी सप्लाई बंद हो जाने से बाजार टांड़, जंगली वार फेयर स्कूल, नेतरहाट आवासीय विद्यालय, समेत आसपास के क्षेत्र में पानी की जबरदस्त किल्लत हो गई है।लोगो को टैंकरों से भाड़े पर पानी मंगा कर पीना पड़ रहा हैं। पानी के समस्या के बावजूद अभी तक पीएचडी विभाग के द्वारा कोई भी सुधार का कार्य नहीं किया गया है।
नेतरहाट आवासीय विद्यालय में भी पानी नहीं, बच्चे समेत विद्यालय प्रबंधन परेशान
नेतरहाट आवासीय विद्यालय के छात्र और शिक्षक भी पानी की किल्लत झेल रहे हैं। नेतरहाट आवासीय विद्यालय के 21 आश्रमों मैं लगभग 1400 छात्र रहकर अपनी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं ऐसे में इन छात्रों को पानी सप्लाई बंद हो जाने से भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नेतरहाट आवासीय विद्यालय के प्राचार्य डॉ प्रसाद पासवान ने बताया की पानी की आपूर्ति के लिए आवेदन भी दिया जा चुका है, जिस पर जल्द ही पानी सुचारू रूप से चालू कर देने की बात कही गई थी। लेकिन इतने दिनों के बाद भी पानी की सप्लाई शुरू नहीं की गई है। विद्यालय का पानी का टैंकर भी खराब हो जाने के कारण बाहर से भी पानी नहीं ला पा रहे हैं। विद्यालय में लगे हैंडपंप से ही छात्र एवं शिक्षक पानी भर कर अपनी ज़रूरतें पूरी कर रहे हैं। जंगल वार फेयर स्कूल एवं स्थानीय थाना के जवान भी पानी की किल्लत झेल रहे हैं। टैंकरो से पानी भरकर मंगाया जा रहा है, जिससे केवल खाना बनाने और पीने के लिए पानी का उपयोग कर रहे हैं वही जवानों के द्वारा तालाब से शौचालय और कपड़े धोने के लिए पानी बाल्टी में भरकर लाया जा रहा है।
पानी की व्यवस्था सुचारू रूप से किया जा रहा है बीडीओ
इस संबंध में प्रखंड विकास पदाधिकारी अमरेन डांग ने बताया की पेयजल विभाग को इसकी सूचना दी गई है जल्द ही पानी की व्यवस्था सुचारू रूप से कर दी जाएगी। साथ ही बाज़ार टांड़ में बोरिंग कर चपाकल लगानें के संबंध में भी पेयजल विभाग से बातचीत की गई है।
क्या कहते हैं पीएचडी विभाग के कर्मी
पीएचडी विभाग के अधिकारियों से बात करने पर बताया गया की क्षेत्र में पानी की सप्लाई जलसहिया के द्वारा देखा जाता है। हमारे पास इसे दुरुस्त करने के लिए कोई भी फंड नहीं है। वही जलसहिया के द्वारा बताया गया की फंड में पैसा नहीं होने के कारण मोटर की मरम्मती नहीं हो पा रही है।
Author: news24jharkhandbihar
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