पहाड़ों की रानी नेतरहाट के प्रकृति के साथ बांस का होटल लुभायेगा सैलानियों को

सूरज कुमार


महुआडांड। झारखंड की धरा पर प्राकृतिक की सबसे सुंदर भेंट पहाड़ों की रानी नेतरहाट अपनी सुंदर वादियों और मनोहारी प्राकृतिक दृश्य समेत सूर्योदय और सूर्यास्त के नज़ारों के लिए प्रसिद्ध है। यहां बंगाल, छत्तीसगढ़, उड़ीसा, झारखंड समेत देशभर के विभिन्न जगहों से पर्यटक सालों भर घूमने आते हैं। प्राकृतिक प्रेमी एवं पर्यटकों ने जिस तरह से इस क्षेत्र को अपना प्यार दिया है, इसे देखते हुए यहां के स्थानीय लोग एवं घूमने आए हुए पर्यटकों ने इसे अपने व्यवसाय के लिए अवसर के रूप में भी देखना प्रारंभ किया। और यही एक वजह है जिसके कारण आप नेतरहाट की सुंदर वादियों में एक से बढ़कर एक सुंदर होटल देख सकते हैं। नेतरहाट में होटल प्रभात बिहार, होटल लेक व्यू जैसे सभी सुविधाओं से युक्त होटल है, तो वही प्राकृतिक के बीच कुछ नया अनुभव के लिए टेंट हाउस भी पर्यटक बहुत ज्यादा पसंद आया। इसी क्रम में अब नेतरहाट में आपको बंबू हाउस भी देखने को मिलेगा जो की सभी सुविधाओं से युक्त बांस से बना होटल होगा। युद्ध स्तर पर इसका निर्माण कार्य जारी है, इस कार्य में लगे कारीगरों का कहना है की अक्टूबर तक यह निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। साथ ही इसकी खूबसूरती भी पर्यटकों के लिए नेतरहाट में आकर्षण का केंद्र होगा।

नेतरहाट बड़ा तालाब स्थित पार्क के पास ही बांस से बने इस होटल का निर्माण कराया जा रहा है


नेतरहाट के पूरे क्षेत्र में नेतरहाट स्थित बड़े तालाब से ही पानी का सप्लाई किया जाता है। इस तालाब के पास ही खूबसूरत पार्क का निर्माण किया गया है, जिसके पास ही बांस से बने इस होटल का निर्माण कराया जा रहा है। होटल के संबंध में लोहरदगा जिला निवासी गौरव कुमार बताते हैं कि जब वे नेतरहाट घूमने आए उन्होंने एक से बढ़कर एक होटल इतनी छोटी सी जगह में देखा, और जब वे सैलानियों से मिले तो उन्हें यह महसूस हुआ की प्राकृतिक सौंदर्य में घुल जाने के बाद लोगों में प्रकृति के प्रति एक लगाव सा हो जाता है, और प्राकृतिक से बनी हर चीज उन्हें और रोमांचित करता है, साथ ही नेतरहाट के लिए यह एक नया अनुभव होगा यही सोच कर केरल की तर्ज पर बांस का होटल बनाने का निर्णय लिया।

असम से मंगाएं जा रहे हैं बांस, झारखंडी कलाकृति, प्राकृतिक सौंदर्य की झलक दिखेगा


इस होटल का निर्माण कार्य असम और बंगाल से आए हुए कारीगरों द्वारा किया जा रहा है। कारीगर बताते हैं कि निर्माण कार्य में लगने वाले बांस असम के जंगलों से मंगाया जा रहा है। क्योंकि वहां के बांस मोटे और मजबूत होते हैं जिनमें कलाकृति करना आसान होता है। बांस आ जाने के बाद उसे रिफाइंड किया जाता है जिससे इसकी मजबूती और भी बढ़ जाती है। और काम करना भी आसान हो जाता है। इस होटल में छह रूम और एक हॉल का निर्माण किया जा रहा है जो की अटैच बाथरूम सुविधायुक्त होगा। वही इस निर्माण कार्य में झारखंडी कलाकृति समेत प्राकृतिक सौंदर्य की झलक दिखाई देगी। नेतरहाट में यह बांस का होटल सैलानियों के लिए आकर्षण का केंद्र होगा।

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Author: news24jharkhandbihar

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