कुंदा धरती मांडर गांव के आदिम जनजाति परिवारों ने श्रम दान कर बनाया 1 किमी सड़क

श्रम दान की खबर सुन कुंदा मुखिया मनोज कुमार साहू ने किया सहयोग जेसीबी से सड़क को कराया दुरुस्त

रंजीत कुमार यादव

कुंदा(चतरा)। कुंदा प्रखंड मुख्यालय से दो किमी दूर स्थित धरती मांडर गांव में रहने वाले आदिम जनजाति परिवार (बैगा) ने श्रम दान कर एक किमी का सड़क बनाया। कुशुम्भा से धरती मांडर गांव तक सड़क बनाने में गांव के महिला, पुरुष व बच्चो ने बढ़ चढ़कर योगदान दिए। सभी हाथ में कुदाल व टोकरी ले कर सड़क बनाने कार्य पूरा गांव लग गया।

ग्रामीणों ने बताया की गांव तक कच्ची सड़क भी नहीं थी बरसात के दिनों में गांव तक वाहन नहीं पहुंच पाता था। जिससे गांव में कई तरह के समस्या होने पर लोगो को आने जाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। गांव में सड़क नही होने पर ग्रामीणों ने मुखिया, बीडीओ, विधायक, सांसद व जिला प्रशासन से सड़क बनाने की मांग किए। परंतु किसी भी अधिकारी वा जनप्रतिनिधि ने सड़क की समस्या को गंभीरता पूर्वक नहीं लिया। थक हार कर ग्रामीणों ने खुद पहल की। बैठक कर ग्रामीणों ने सड़क सड़क बनाने की योजना बनाया। सभी घर से एक एक आदमी हर दिन कार्य करने का निर्णय लिए और श्रम दान कर सड़क बनाने के कार्य में जुट गए। और चार दिनों में घाटी को काट कर चलने लायक सड़क बना दिया गया।

जतन बैगा ने बताया यहां के लोग सिर्फ वोट देते आ रहे हैं। कई बार लोग चुनाव के समय वादा कर जाते है पर चुनाव जीतने के बाद गांव की समस्या पर खरा नहीं उतरते। बैगा जाति के परिवार पर भी सरकार का कोई ध्यान नही है।

श्रम दान करते लोग

मुखिया ने किया सहयोग, जेसीबी चला कर हटाया मिट्टी

श्रम दान कर सड़क बनाने की खबर सुन कुंदा मुखिया मनोज कुमार साहु ने गांव पहुंच कर ग्रामीणों को मदद करने में आगे बढ़े। मुखिया ने अपने निजी खर्च से करीब 16 घंटा जेसीबी मशीन लगाकर सड़क को दुरुस्त कराया। मुखिया ने कहा की फंड के आभाव सड़क की लंबी दूरी होने के वजह से पंचायत से पीसीसी सड़क बनाना संभव नहीं है। पंचायत क्षेत्र के कई गांव में पीसीसी सड़क बनाने को लेकर उपायुक्त को आवेदन दे चुके है पर अब तक संविदा नहीं निकाली गई है।

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Author: news24jharkhandbihar

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