कृषि निदेशक के द्वारा जन सेवकों का वेतन मान ग्रेड पे घटाने के विरोध में जन सेवकों का हड़ताल जारी

जन सेवकों हड़ताल में जाने से हजारीबाग के 16 प्रखंडों में विकास कार्य हुवा ठप

जनसेवकों ने राज्यपाल को सौंपा मांग पत्र, कहा जनसेवकों का 11 साल बाद वेतनमान घटाना दुर्भाग्य पूर्ण

हजारीबाग। कृषि निदेशक के द्वारा पत्र जारी कर राज्य भर के जन सेवकों का वेतन मान ग्रेड पे 2400 से घटा कर 2000 कर दिया गया। जन सेवकों का वेतन मान ग्रेड पे घटाने से जनसेवकों ने काफी रोष है।जनसेवकों ने इसका विरोध करते हुए 9 मई से अनिश्चित कालीन हड़ताल में है। हजारीबाग जिला के 16 प्रखंडों में कार्यरत जनसेवक हक अधिकार के मांग को लेकर जिला मुख्यालय में हड़ताल पर बैठ गए है। हजारीबाग जिला में जनसेवकों के हड़ताल में जाने से 16 प्रखंडों  में कृषि सहित अन्य विभागों का कार्य ठप पड़ा हुआ है। जिससे आम जन मानस काफी परेशान है।  काम कराने पहुंचे ग्रामीण बिना काम कार्य प्रखंड कार्यालयो से वापस लौट जाते है।

राज्यपाल से मुलाकात करते जनसेवक संघ

2012 में 2400 ग्रेड पे में हुवा था नियुक्ति  

वर्ष 2012 में जनसेवकों की नियुक्ति  2400 ग्रेड पे वेतन मान में किया गया था। 2012 से नियुक्ति के उपरांत लगातार जनसेवक कार्य करते आ रहे है। जनसेवक कृषि कार्य के अतिरिक्त 16 प्रखंड में विभिन्न पदाधिकायो के प्रभार में काम कर रहे है।

संघ में अध्यक्ष काशी नाथ गुप्ता ने बताया कि जनसेवक का नियुक्ति 2400 ग्रेड पे पर हुवा था। तब से आज तक अपने अपने प्रखंड मुख्यालयों में विभिन्न पदों पर प्रभार दे दिया गया। जिस पर अपने कार्य के अलावा अन्य प्रभार को संभाल कर चला।  इसके बावजूद  कृषि निदेशक के द्वारा पत्र जारी कर राज्य भर के जन सेवकों का वेतन मान ग्रेड पे 2400 से घटा कर 2000 कर दिया गया। जिसका हमसब विरोध करते है और जब तक हमारा मांगें पूरी नही होती धरना जारी रहेगा। 

राज्यपाल को जनसेवकों ने सौंपा मांग पत्र

11 मई को हजारीबाग पहुंचे राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन से हजारीबाग में आंदोलनरत जनसेवक संघ मुलाकात किए। जनसेवक संघ ने राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन को पत्र सौंप कर कृषि निदेशक के द्वारा पत्र जारी कर राज्य भर के जन सेवकों का वेतन मान ग्रेड पे 2400 से घटा कर 2000 करने की निंदा किए। और वेतन मान ग्रेड पे 2400 बरकरार रखने का मांग किए। संघ के मीडिया प्रभारी रवि राजा ने कहा कि अब तक किसी भी संवर्ग में वेतनमान को नहीं घटाया गया है। जनसेवकों का 11 साल बाद वेतनमान घटाना दुर्भाग्य पूर्ण है। ये नियुक्ति नियमावली में असंवैधानिक रूप से छेड़छाड़ किया गया है। जिसे पुनः वापस लिया जाए।

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Author: news24jharkhandbihar

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