अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने सुनाई 14 वर्ष की सजा
कोडरमा। नाबालिग लडकी का अपहरण कर जबरन धर्म परिवर्तन कर निकाह करने और दुष्कर्म करने के मामले की सुनवाई पर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय अजय कुमार सिंह की अदालत ने मंगलवार को सजा सुनाए।न्यायाधीश ने आरोपी सौदागर मोहल्ला भौरा जिला धनबाद निवासी रिंकू अंसारी पिता मो़ गुलाम मुस्तफा को आईपीसी की धारा 376 में दोषी पाते हुए 14 वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाये। साथ ही 25 हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया जुर्माना की राशि नहीं देने पर आरोपी को एक वर्ष अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतना पड़ेगा। इसके अलावा अदालत ने धारा 366ए में दोषी पाते हुए आरोपी को 5 वर्ष सश्रम कारावास और 20 हजार का आर्थिक जुर्माना लगाया। जुर्माना की राशि नहीं देने पर आरोपी को 6 माह अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतना पड़ेगा। सभी सजाएं साथ-साथ चलेगी बताया जाता है कि अदालत में सुनवाई के दौरान लोक अभियोजक पीपी मंडल ने गवाहों का परीक्षण कराते हुए न्यायालय से अभियुक्त को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की है। वहीं बचाव पक्ष से अधिवक्ता कुमार रौशन ने अपनी दलीलें रखीं अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और अभिलेख पर उपस्थित साक्ष्यों का अवलोकन करते हुए आरोपी को धारा 376 में दोषी पाते हुए 14 वर्ष सश्रम कारावास और 25 हजार का आर्थिक जुर्माना, जबकि भादवी की धारा 366ए में दोषी पाते हुए पांच वर्ष सश्रम कारावास और 20 हजार का आर्थिक जुर्माना लगाया।
नाबालिक के पिता ने दर्ज कराया था मामला – नाबालिग के पिता ने सतगावां थाना में कांड संख्या 17/13 दर्ज कराया था। इसमें उन्होंने कहा था कि 18 मार्च 2013 को घर के पड़ोस के एक दुकान में काम करने वाला रिंकू अंसारी के द्वारा नाबालिग पुत्री को शादी के नियत से जबरन अपहरण कर लिया गया। इस मामले को लेकर जिस मारुति कार से नाबालिग का अपहरण किया गया था उसके चालक को पूर्व में ही अदालत के द्वारा सजा सुनाई गई है़ मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस के द्वारा दबिश और कुर्की जप्ती का नोटिस चिपकाने के बाद आरोपी ने सरेंडर किया था।
गलत एफिडेविट दिखा कर पहले मुस्लिम बनाया बाद में जबरन निकाह किया।
अदालत में सुनवाई के दौरान नाबालिग लड़की ने बताया कि घटना के दिन उसके पिता घर नहीं पहुंचे थे। इस कारण वह पिता को देखने के लिए घर से बाहर निकली इसी बीच रिंकू अंसारी ने उसे जबरन कार में बैठा लिया और उसे कतरास (धनबाद ) लेकर चला गया। इसके बाद उसे लेकर आरोपी झालदा और फिर दिल्ली ले गया। दिल्ली में गलत एफिडेविट के माध्यम से उसे बालिग दिखाते हुए उसका डुप्लीकेट आधार कार्ड बनाया और उसका नाम बदल कर मुस्लिम नाम रखा। इसके बाद उससे जबरन निकाह किया।नाबालिग ने अदालत को बताया कि निकाह के बाद करीब दस माह तक उसे दिल्ली में रखा गया और इस दौरान उसके साथ प्रतिदिन दुष्कर्म किया करता था। जब आरोपी बाहर जाता था तो बाहर से ताला बंद कर देता था, और धमकी देता था कि अगर किसी को कुछ बताई तो तुम्हारे माता-पिता को जान से मार देंगे।
Author: news24jharkhandbihar
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