बड़कागांव संवाददाता कुलदीप कुमार
कर्णपुरा महाविद्यालय बड़कागांव के हाल में इतिहास विभाग के द्वारा सेमिनार का आयोजन किया गया है। सेमिनार का विषय भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में हजारीबाग की भूमिका था।
इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रोफेसर ज्योति जलधार ने कहा कि भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में हजारीबाग के आदिवासियों में अद्वितीय और साहसी भूमिका निभाई। उनकी लड़ाई केवल राजनीतिक स्वतंत्रता तक सीमित नहीं थी, बल्कि यह जल जंगल जमीन और अपनी संस्कृति की रक्षा के लिए विदेशी सत्ता व शोषण के खिलाफ एक निरंतर विद्रोह थी । अध्यक्षता प्राचार्य डॉक्टर कीर्ति नाथ महतो ने किया इन्होंने कहा कि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में विशेष कर 1857 के विद्रोह और 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान एक अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई । यहां के निवासियों और स्थानीय नेताओं ने ब्रिटिश शासन के खिलाफ बढ़-चढ़कर संघर्ष किया जैसे 1942 के आंदोलन में आनंदित साहू का नेतृत्व रहा संचालन इतिहास विभाग के विभाग का अध्यक्ष डॉ सुरेश महतो ने किया एवं कहा कि बड़कू मांझी ने बड़कागांव के अंबा टोला के स्वतंत्रता सेनानी में से था । सरस्वती देवी के नेतृत्व में 26 जनवरी 1930 को यहां तिरंगा फहराया गया था ।
धन्यवाद ज्ञापन डॉ ललिता कुमारी एवं सभा समाप्ति का घोषणा की, मौके पर उपस्थित शिक्षक डॉ निरंजन प्रसाद नीरज ,प्रोफेसर फजरूद्दीन, प्रोफेसर नरेश कुमार दांगी ,प्रोफेसर लालदेव महतो ,डॉक्टर अनु कुमारी, डॉक्टर रंजीत प्रसाद ,डॉक्टर पवन कुमार ,नेमधारी राम, तनवीर कुमार, अनिता कुमारी ,छात्र-छात्राओं में आशीष कुमार ,चंदन कुमार, निशांत कुमार ,मोहम्मद जुनेद, रमेश ,नींबू कुमारी, सुमन कुमारी ,प्रीति कुमारी एवं अन्य लोग उपस्थित थे
Author: news24jharkhandbihar
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