बड़कागांव संवाददाता कुलदीप कुमार
कर्णपुरा महाविद्यालय बड़कागांव के सेमिनार हॉल में पूर्व संध्या पर हुल दिवस मनाया गया । यह कार्यक्रम इतिहास विभाग द्वारा किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि शिक्षक एवं छात्र-छात्राओं द्वारा दीप प्रज्वलित किया गया मुख्य अतिथि प्रोफेसर ज्योति जलधर एवं अध्यक्षता प्राचार्य डॉक्टर कीर्तिनाथ महतो ने किया ।
मुख्य अतिथि ने कहा की संथाल विद्रोह 1855 – 56 में झारखंड के दामिन ए कोह क्षेत्र में हुआ था। इसका नेतृत्व सिद्धू कान्हू चांद और भैरव ने ब्रिटिश अधिकारियों जमींदारों और दिकुऔ के विरोध किया। संथालों ने स्वतंत्रता की घोषणा की लगान देने से इनकार किया और करो या मरो अंग्रेज हमारी धरती छोड़ो का नारा दिया प्राचार्य डॉक्टर कीर्ति नाथ महतो ने कहा कि हुल दिवस का मुख्य उद्देश्य दमनकारी जमींदारी व्यवस्था को समाप्त करना एवं अंग्रेज तथा स्थानीय जमींदारों द्वारा किए जा रहे शोषण से मुक्ति प्राप्त करना था संचालन इतिहास विभाग के विभाग अध्यक्ष डॉ सुरेश महतो ने किया एवं कहा कि यह विद्रोह ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की दमनकारी नीतियों जमींदारों और स्थानीय साहूकारों द्वारा संथाल आदिवासियों की भयानक आर्थिक शोषण के खिलाफ था शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं द्वारा हुल दिवस पर प्रकाश डालें।
कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षक डॉ निरंजन प्रसाद नीरज ,प्रोफेसर नरेश कुमार दांगी, प्रोफेसर फजरूद्दीन अहमद, डॉक्टर अनु कुमारी, डॉ रंजीत प्रसाद ,प्रोफेसर ऋतुराज दास ,डॉक्टर पवन कुमार, डॉ ललिता कुमारी, प्रोफेसर रामकिशोर प्रसाद दांगी ,नेमधारी, अनिता कुमारी, धनेश्वर महतो, कैलाश कुमार महतो ,रोहित कुमार ,सुनील महतो ,मनीषा कुमारी ,मधु मां कुमारी ,नीतू कुमारी ,कशु कुमारी, पूनम कुमारी, अनिशा कुमारी ,उर्मिला कुमारी व अन्य छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
Author: news24jharkhandbihar
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