केरेडारी के पेटो पंचायत में भ्रष्टाचार का भेंट चढ़ा मनरेगा से स्वीकृत पोटो हो खेल मैदान, खिलाड़ियों का सपना टूटा

कागज में फाइनल हुआ खेल मैदान, बिना काम किये मेटेरियल समेत 1.22 लाख मजदूरों को किया गया भुगतान 

केरेडारी। हजारीबाग जिला के केरेडारी प्रखंड स्थित पेटो पंचायत में मनरेगा योजना के पोटो हो खेल विकास योजना भ्रष्ट्राचार का भेंट चढ़ गया। यहां मुखिया, पंचायत सचिव, मनरेगा वेंडर, जेई व अभिकर्ता के मिली भगत से बिना योजना का काम कराएं मेटेरियल का राशि 3 हजार व मजदूरों का डिमांड कराकर मजदूरी का राशि लगभग 119400 हजार कुल 122400 रुपए का अवैध निकासी कर लिया गया। बिना काम कराएं राशि का निकासी होने की सूचना से पंचायत के ग्रामीण समेत युवाओं व खिलाड़ियों में काफी रोष हैं। खिलाड़ियों ने कहा कि पंचायत में खेल मैदान निर्माण का स्वीकृति मुखिया व प्रखंड कार्यालय के द्वारा दिया गया। जिसका कोई सूचना स्थानीय लोगों को नहीं था। प्रखंड अधिकारियों के लापरवाही के कारण खेल मैदान नहीं बन सका। खिलाड़ियों ने केरेडारी प्रखंड विकास पदाधिकारी विवेक कुमार से पेटो पंचायत में खेल मैदान बनवाने का मांग किये हैं।

2.89 लाख के लगात से बनना था खेल मैदान, बिना काम हुवे कागज में फाइनल हुआ योजना

झारखंड सरकार के द्वारा संचालित झारखंड वीर शहीद पोटो हो खेल विकास योजना के तहत केरेडारी प्रखंड के पेटो पंचायत में मनरेगा मद से ग्राम भदई खाप के बड़की टांड़ टोला में खेल मैदान का स्वीकृत किया गया। जो मनरेगा मद से 2.89 लाख के लगात से बनना था। परंतु धरातल में बिना काम कराएं मुखिया, पंचायत सचिव, जेई, वेंडर व अभिकर्ता के द्वारा कागजों में कार्य को पूर्ण कर करा कर कुल 122400 रुपया का निकासी किया गया हैं। जिसमें वेंडर ने योजना का बोर्ड के 3 हजार व 88 मजदूरों से मजदूरी का राशि 119400 हजार रुपए का अवैध निकासी कर लिया गया। खेल मैदान योजना का राशि बिना काम किए निकालने का मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ हैं। ग्रामीणों ने बिना काम कराएं योजना की राशि निकालने के मामले में जांच करने की मांग हजारीबाग उपायुक्त से किये हैं। ग्रामीणों ने ये भी बताया कि योजना में काम करने वाले मजदूर भी फर्जी हैं।

इस मामले में मुखिया कौशल्या देवी के पति गुरदयाल साव ने कहा कि मजदूरों ने काम किया हैं। जिसका मजदूरी का भुगतान किया गया हैं।

बीपीओ सुमन कुमार ने कहा कि योजना में काफी विवाद चल रहा था। जिस कारण योजना को बंद कर दिया गया हैं। बिना काम कराएं पैसा निकासी करने का जानकारी नहीं था। जांच किया जायेगा आरोप सिद्ध होने पर कनूनी कार्रवाई किया जायेगा।

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Author: news24jharkhandbihar

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