विधायक सिंघवी ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल

छबड़ा विधायक व पूर्व मंत्री प्रताप सिंह सिंघवी ने मंगलवार को राजस्थान विधानसभा में पुलिस व कारागार की अनुदान मांग पर बोलते हुए प्रदेश की कानून व्यवस्था पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून का राज स्थापित करने के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है ‘पुलिस का इकबाल’ कायम करना किन्तु प्रदेश के मुखिया अपनी सीट की सुरक्षा में जनता की सुरक्षा भूल गये। प्रदेश में घटित हुई गंभीर घटनाओं की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि ज्यादातर घटनाएं पुलिस की मुस्तेदी से रोकी जा सकती थी। उदयपुर में कन्हैयालाल टेलर की निर्मम हत्या से तो पूरा देश हिल गया, जोधपुर में सरेआम अधिवक्ता की हत्या, जोधपुर के जालोरी गेट इलाके में सांप्रदायिक दंगा, प्रदेश में गैंगवार व अवैध वसूली की घटनाओं में निरंतर वृद्धि हो रही है जयपुर, अलवर, जोधपुर, सीकर, कोटा, उदयपुर, बीकानेर इत्यादी जिलों में गैंगवार की आए दिन घटनाए घटित हो रही है और रोज सुबह अखबारों में पढ़ने को मिलती है, सीकर में दो गैंगवार के बीच गोली चलाने से पुत्री से मिलने आए एक पिता की निर्मम हत्या, करौली में सांप्रदायिक दंगा, छबड़ा कस्बे में 11 अप्रैल 2021 को सांप्रदायिक दंगा हुआ जिसमें आगजनी, लूटपाट व हिसां हुई और अभी तक मुल्जिमों को पकड़ा नहीं गया, भरतपुर के डीग में अवैध खनन को रोकने के लिए संत विजय दास को आत्मदाह करना पड़ा, टोंक में पुलिस वालों ने एक युवक की जान ले ली और कार्रवाई करने के लिए विधायक व पूर्व डीजीपी हरीश मीणा को धरने पर बैठना पड़ा, छीपाबड़ौद में किशन सर्राफ के यहां 125 किलो चांदी की डकैती हुई इस पर सिंघवी ने राज्य स्तर या रेंज स्तर पर पुलिस की टीम गठित कर कार्रवाई की मांग की।

सिंघवी ने कहा कि प्रदेश बजरी माफिया के आतंक से परेशान है। पुलिस के सरंक्षण व सहयोग के बिना बजरी का गोरख धंधा संभव नहीं है, इससे सरकार के राजस्व का घाटा हो रहा है। प्रदेश में अवैध नशे का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है और पुलिस इसको रोकने में नाकाम साबित हो रही है। यही नहीं राजधानी जयपुर में एक किलोमीटर के रेडियस में ही हुक्काबार, स्मैक, डांसबार, शराबी और कई प्रकार की अवैध गतिविधियां संचालित हो रही है इस प्रकार की अवैध गतिविधियों को रोकने की सरकार से मांग की। कोचिंग नगरी कोटा में हॉस्टल में रहने वाले छात्र-छात्राओं का कोचिंग संस्थान व टीचरों द्वारा शारीरिक शोषण किया जा रहा है जिससे आए दिन आत्महत्या के केस सामने आ रहे है। कोचिंग से ही कोटा की इकॉनोमी चल रही है। अगर समय रहते कोई योजना नहीं बनाई गई तो धीरे धीरे कोटा से कोचिंग संस्थाएं, उद्योग—धंधे व रोजगार समाप्त हो जाएगा। थानों में स्वागत कक्ष बनाने को बड़ी उपलब्धि माना गया और यह प्रचारित किया गया कि अब थानों में किसी के साथ दुर्व्यवहार नहीं किया जाएगा, किन्तु स्वागत कक्षों की स्थिति बहुत खराब है। ज्यादातर स्वागत कक्ष बंद पड़े है और उनमें साफ—सफाई की कोई व्यवस्था नहीं है। प्रदेश के हर गांव में पुलिस मित्र लगाए गए, किन्तु अधिकांश पुलिस मित्र या तो क्रि​मनल है या क्रिमिनल नहीं है तो उनकों पुलिस मित्र बनाने के बाद दलाली करने का एक हथियार मिल गया। पुलिस की हैल्पलाईन पर फोन करने पर न तो तत्काल फोन उठाया जाता है और न ही समय पर मदद हेतु पुलिस पंहुचती है। प्रदेश में ट्रेफिक की व्यवस्था बहुत खराब है। बड़े शहरों में आए दिन ट्रेफिक जाम की स्थिति बनी रहती है। सड़कों पर हो रहे अतिक्रमण को हटाकर ट्रेफिक व्यवस्था में भी सुधार की आवश्यकता है।

सिंघवी ने कहा कि सरकार ने मुकदमा दर्ज किए जाने हेतु फ्री रजिस्ट्रेशन की घोषणा कर रखी है परन्तु आम नागरिक जब पुलिस थानों में मुकदमा दर्ज कराने जाता है तो उसे साफ मना कर दिया जाता है। पुलिस थानों पर दर्ज शिकायतों को सीसीटीएनएस पोर्टल पर दर्ज किया जाता है अगर इन रिर्पोटों की ऑडिट की जाए तो 30 प्रतिशित शिकायतें मुकदमें दर्ज करने की मिलेगी। प्रदेश में साइबर क्राईम से करोड़ों की ठगी एवं ब्लेकमैलिंग के प्रकरण बढ़ते जा रहे हैं। अधिकांश थानों में सीसीटीवी कैमरे ज्यादातर खराब ही मिलते है और यदि कैमरे सही है तो उनकी स्टोरेज क्षमता बहुत कम है। पुलिसकर्मियों में 9, 18, 27 का लाभ तो मिल जाता है, किन्तु उनकी समय पर पदोन्नति नहीं होती है। प्रदेश में आरक्षियों की ग्रेड़ पे 2400 से बढ़ाकर 3600 किए जाने की मांग की। पुलिस थाना हरनावदाशाहजी में पूर्व में कार्यरत थानादार रामस्वरूप मीना का जिक्र किया जो वर्तमान में पुलिस लाईन जोधपुर में लगा हुआ है इसने देवरीभान के एक व्यक्ति से पांच लाख रुपये लिए, रखडिया के व्यक्ति से तीन लाख पचास हजार रुपये लिए और महुवाखेड़ा के एक व्यक्ति भूरीलाल लोढा से लिए पच्चीस लाख रुपये लिए, मामले की जांच डीवाईएसपी ने की। जांच में मामले को बेकार, झूठा व मिथ्या बताया गया इसके बाद ​डीजीपी स्तर से जांच करवाने की मांग की गई तो उनके खिलाफ एनडीपीए एक्ट में मुकदमा दर्ज होना पाया गया। मुकदमा दर्ज होने व सस्पेंड होने के बावजूद उसे कार्य पर लगा कर रखा है व उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।

news24jharkhandbihar
Author: news24jharkhandbihar

सबसे तेज, सबसे आगे

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *