चौपारण। हजारीबाग जिला के चौपारण प्रखंड के सिंघरांवा में मनरेगा योजना में जेसीबी मशीन चलाने और दाग को मिटाने को लेकर मुखिया वा ग्रामीण आपस में भिड़ गए। दोनो के बीच जम कर मारपीट हुवा। मारपीट की घटना में गांव की सरकार के मुखिया संतोष सिंह बुरी तरह से घायल हो गए। घायल संतोष सिंह को परिजनों के द्वारा इलाज के लिए सामुदायिक अस्पताल चौपारण लाया गया, जहां से इलाज के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए हजारीबाग सदर अस्पताल रेफर कर किया गया। मुखिया के हाथ एवं पैर व माथे में गम्भीर चोट आई है। मारपीट के उपरांत मुखिया संतोष सिंह वा ग्रामीण बिनोद सिंह ने थाने में आवेदन दिया है।
मनरेगा योजना में जेसीबी चलाने को लेकर हुवा विवाद
मुखिया संतोष सिंह ने आवेदन में कहा है की पंचायत के हजारीधमना गांव में मनरेगा योजना का काम माया देवी के खेत में चल रहा है। योजना स्थल का जांच करने मास्टर रॉल लेकर जा रहें थे। इसी बीच रास्ते में गांव के ही बिनोद सिंह दो चार अन्य लोगों के साथ उन्हें रोक लिया। दोनों के बीच कहासुनी होने लगी,बात बढ़कर मारपीट तक पहुंच गया। वे सभी मिलकर संतोष सिंह को गले को गमच्छा से बांध दिया। उसके बाद मारपीट करने लगे। जिसमें संतोष सिंह घायल हो गए। संतोष ने पॉकेट से उक्त लोगों के द्वारा 20 हज़ार रुपया छीनने का आरोप लगाया है।
वहीं दूसरे पक्ष के बिनोद सिंह ने लिखा है की मनरेगा योजना में जेसीबी का उपयोग किया गया है। योजना में जांच होना था इस से पूर्व मुखिया के द्वारा जेसीबी के दाग को मिटाने का आरोप लगाया है। कहा की योजना पर मुखिया द्वारा जेसीबी से साक्ष्य छुपाने के लिए समतलीकरण कराया जा रहा था। जिसका बीडीओ बनाने पर मुखिया आक्रोश में आ गए। और अपने सहयोगियों के साथ मेरे घर पर हमला बोल दिया। मेरा साथ मारपीट किया गया। एवं मेरी पत्नी के साथ भी अभद्र व्यवहार करने वा सोने का चेन छीनने का आरोप मुखिया पर लगाया है।
Author: news24jharkhandbihar
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