डायन कुप्रथा मुख्य कारण है अशिक्षा हैं, शहरों में नही है डायन बिसाही का मामला – थाना प्रभारी
केरेडारी (हजारीबाग)। केरेडारी थाना प्रभारी नायल गोडविन केरकेट्टा के द्वारा डायन प्रथा के विरुद्ध जागरूकता अभियान चलाया गया। सोमवार को थाना प्रभारी ने केरेडारी कन्या मध्य विद्यालय में डायन जैसे कु प्रथा के बारे में बच्चों को जानकारी दिए साथ ही अपने गांव वा आस पास डायन प्रथा के प्रति लोगो को जागरूक करने का अपील किए। थाना प्रभारी ने कहा की डायन प्रथा देश भर में झारखंड पहले नंबर पर है।
झारखंड में लोग गांव में किसी को डायन बता कर प्रताड़ित किया जाता है, सामाजिक बहिष्कार या जलील किया जाता है। इसमें अक्सर महिलाओं को डायन बता कर भिड़ मार देता है। जबकि डायन कुछ नही है, ये अंध विश्वास है, सिर्फ लोगो में गलत मानसिकता बना हुवा है। इन्होंने ने कहा झारखंड के कोल्हान क्षेत्र में डायन प्रथा में हत्याएं ज्यादा होती है।

थाना प्रभारी ने आगे कहा की डायन बिसाही जैसे कुप्रथा जायदा तर गांव में ही देखने को मिलता है। ऐसी कुप्रथा अशिक्षा के कारण गांवों में फैलता है। डायन बता कर किसी को प्रताड़ित करना कानूनन अपराध है। किसी को डायन कहने वा प्रताड़ित करने वाले पर कानूनी कार्रवाई वा सजा का प्रावधान है।
Author: news24jharkhandbihar
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