एनटीपीसी परियोजनाओं से वित्तीय वर्ष 2023-24 में 34 मिलियन टन कोयला उत्पादन का हैं लक्ष्य
केरेडारी(हजारीबाग)। एनटीपीसी भारत सरकार का महारत्न कंपनी हैं। जो देश में विद्युत ऊर्जा के साथ साथ कोयला खनन के ओर अग्रणी हैं। ऊर्जा उत्पादन के लिए केंद्र सरकार के द्वारा झारखंड में एनटीपीसी को हजारीबाग में 4 प्रोजेक्ट पीबी, सीबी, केडी, वा बादम वा लातेहार में एक प्रोजेक्ट आवंटित किया गया हैं। वर्तमान में पीबी, सीबी से कोयला का उत्पादन हो रहा हैं। जबकि केडी कोल परियोजना में ओबी हटाने का कार्य जारी हैं। केडी से बहुत जल्द ही कोयला का उत्पादन शुरू हो जायेगा। बादम प्रोजेक्ट भी जल्द शुरू किया जायेगा। केडी कोल परियोजना से इस वित्तीय वर्ष में हाफ मिलियन टन कोयला उत्पादन का लक्ष्य हैं। यहां का कोयला शिवपुर साइडिंग पहुंचेगा। कोल ट्रांसपोर्टिंग के लिए शिवपुर के लिए सड़क बनाने का कार्य किया जा रहा हैं। जो जल्द ही पूरा हो जायेगा। उक्त बाते केरेडारी, चट्टीबरियातू परियोजना प्रमुख प्रभारी फैज तैय्यब ने सिकरी साइट कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा। प्रेस कांफ्रेंस में श्री तैयब के साथ केरेडारी परियोजना प्रमुख शिव प्रसाद, चट्टीबारियातू परियोजना प्रमुख नवीन गुप्ता शामिल थें। परियोजना प्रमुखों ने कहा कि भारत सरकार ने एनटीपीसी को वित्तीय वर्ष 2023- 2024 में 34 मिलियन टन कोयला उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया हैं। वर्तमान में सीबी से 1.9 मिलियन टन कोयला उत्पादन कर पॉवर प्लांट में भेजा गया हैं। सीबी से शुरुवाती 8 महीने में कर्मियों ने रिकॉर्ड 1 मिलियन टन कोयला डिस्पैच किया। खनन कार्य वा ट्रांसपोर्टिंग में स्थानीय लोगो के सहयोग पर एनटीपीसी अधिकारियों ने आभार जताया।
कोल परियोजना में 75 प्रतिशत स्थानीय लोगो को मिलेगा रोजगार
फैज तैय्यब ने आगे कहा कि एनटीपीसी के केरेडारी, चट्टीबरियातू कोल परियोजनाओं में 75 प्रतिशत स्थानीय लोगो को रोजगार दिया जायेगा। एनटीपीसी यहां सालों तक काम करेंगी। काम में प्रगति के अनुरूप लोगो को रोजगार में बढ़ोतरी किया जायेगा। छोटा से लेकर बड़े वाहनों के लिए भी गांव के लोगो को कार्यों में स्थानीय को पहले प्रथिमिकता मिलेगा। हर घर से एक परिवार को रोजगार दिया जायेगा। इसके अलावा परियोजना प्रमुखों ने सीएसआर से किए गए विकास कार्यों को भी गिनाया। कहा वर्तमान दौर में करोड़ से लागत से क्षेत्र में विकास कार्य कराया गया है। केरेडारी सीएचसी में एक एम्बुलेंस, एक एक्सरे मशीन उपलब्ध कराया गया हैं। सीएसआर मद से विस्थापित प्रभावित क्षेत्र में 10 सिलाई सेंटर चलाया जा रहा हैं, 1300 लोगो के बीच साइकिल का वितरण किया गया। 30 युवाओं को स्किल डेवलपमेंट का ट्रेनिग देकर काम मुहैया कराया गया हैं। महिलाओं को रोजगार से जोड़ने, युवाओं को खेल, शिक्षा के लिए लगातार प्रेरित किया जाता रहा हैं। चिकित्सा शिविर, कंबल, मच्छर दानी का वितरण समय समय पर किया जाता हैं।
मुवावजा भुगतान में सरकार के आदेश का किया जा रहा पालन
फैज तैय्यब ने कहा कि केडी परियोजना प्रभावित विस्थापित रैयतों को घर का मुवावजा भुगतान किया गया है। साथ ही मुवावजा भुगतान में सरकार के आदेश का पूरा पालन किया जा रहा है। रैयतों के जमीन का मुवाजा भुगतान का कार्य चल रहा है जो जल्द ही संपन्न हो जायेगा। विस्थापित लोगो को विस्थापन का भी लाभ मिलेगा।
मौके पर अपर महाप्रबंधक एसपी गुप्ता, असीम मिश्रा, नीलमाधव स्वाइन, अनिल सोनी, मानव संसाधन विभाग से अपर महाप्रबंधक कालिया मूर्ति, उप महाप्रबंधक मृत्युंजय वर्मा, पवन रावत, रमेश कुमार, जनसंपर्क अधिकारी मुकुल तायल, निकेश सिंह समेत कई लोग उपस्थित थे।
Author: news24jharkhandbihar
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