रंजीत कुमार यादव
चतरा। जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के अनुयायियों के द्वारा गुरूदेव संत रामपालजी का सत्संग आयोजन अलग-अलग स्थान पर किया गया। जिसमें आसपास के श्रद्धालु जन उपस्थित हुए साथ ही सत्संग से प्रेरित होकर संत रामपाल जी महाराज के सत्य मार्ग पर चलने का दृढ़ संकल्प लिया। सत्संग में श्रद्धालुओं ने समाज में चल रही बुराइयों जैसे, नशा करना, ग्रह- क्लेश, चोरी करना, दहेज लेना-देना इत्यादि – बुराइयों से छुटकारा पाने के लिए सभी पवित्र धर्म ग्रंथों का प्रमाण देकर सत्संग में श्रद्धालुओं का मार्गदर्शन किया।संत रामपाल जी ने बताया कि भक्ति करने से ही इंसान सुखी हो सकता है। इसके अलावा दूसरा कोई विकल्प नहीं है। सत्संग में संत रामपाल जी महाराज जी के धार्मिक साहित्य जीने की राह, ज्ञान – गंगा, गीता तेरा ज्ञान अमृत पुस्तकों की स्टॉल लगाकर प्रचार किया गया। सत्संग से प्रेरित होकर कई श्रद्धालुओं दीक्षा लेकर आजीवन बुराइयों से दूर रहकर सत भक्ति करने का दृढ़ संकल्प लिया।
संत रामपाल जी ने बताया कि भक्ति करने से ही इंसान सुखी हो सकता है। इसके अलावा दूसरा कोई विकल्प नहीं है। सत्संग में संत रामपाल जी महाराज जी के धार्मिक साहित्य जीने की राह, ज्ञान – गंगा, गीता तेरा ज्ञान अमृत पुस्तकों की स्टॉल लगाकर प्रचार किया गया। सत्संग से प्रेरित होकर कई श्रद्धालुओं दीक्षा लेकर आजीवन बुराइयों से दूर रहकर सत भक्ति करने का दृढ़ संकल्प लिया।
Author: news24jharkhandbihar
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