सूरज कुमार /महुआडांड़
महुआडांड़। सरकार जहां एक ओर डिजिटल इंडिया के माध्यम से ऑनलाइन सेवा शुरू कर हर क्षेत्र में भ्रष्टाचार को खत्म करना चाहती है। वही दूसरी ओर यह सेवा गांवों में नेटवर्क के अभाव के कारण परेशानी का सबब बनता जा रहा है। ई-पॉश मशीन में नेटवर्क नहीं रहने के कारण कई कार्डधारी निराश लौट जाते हैं। प्रखंड के कई ऐसे गांव है, जहां मोबाइल का नेटवर्क काम नहीं करता है। सोहर पंचायत अंतर्गत चोरमुंडा गांव के 160 राशन कार्डधारी गांव से दूर एक किमी दूर जंगल के ऊंचे स्थान पर जाकर मोबाइल नेटवर्क सिग्नल खोज राशन के लिए ऑनलाइन अंगूठा लगाते हैं, तब राशन मिलता है।
चोरमुंडा में जोभीकोना टोला महिला समुह के द्वारा राशन वितरण का कार्य किया जाता है। इस संबंध में समूह द्वारा बताया गया कि गांव में मोबाइल का नेटवर्क काम नहीं करता है, गांव से दूर जंगल में जाने के बाद मुश्किल से नेटवर्क सिग्नल खोज ग्रामीणों का अंगूठा मशीन पर लगवाते हैं। ग्रामीणों को राशन लेने में पूरे सप्ताह भर से अधिक का समय सिर्फ ऑनलाइन करने में लग जाता है। महिला समूह के सदस्यों ने बताया कि रोजाना 4-6 घंटे ग्रामीण अपने काम को छोड़कर राशन ऑनलाइन होने का इंतजार करते हैं। अगर पूर्व की तरह ही ऑफलाइन रजिस्टर से ही वितरण करने की इजाजत मिल जाती तो, परेशानी से छुटकारा मिल जाता और समय पर राशन का वितरण भी होता।
Author: news24jharkhandbihar
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