बड़कागांव संवाददाता कुलदीप कुमार
बड़कागांव इंसानियत और संवेदनशीलता की मिसाल पेश करते हुए बड़कागांव के चेपाखुर्द निवासी मोहम्मद मुजफ्फर आलम ने भटककर पहुंचे एक मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति को उसके परिजनों से मिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मुजफ्फर आलम की तत्परता और मानवीय पहल के कारण कई दिनों से अपने परिवार से बिछड़ा व्यक्ति आखिरकार शनिवार की रात अपने परिजनों के पास पहुंच गया। जानकारी के अनुसार फुसरो, रहीमगंज जिला बोकारो निवासी करीब 45 वर्षीय एक व्यक्ति पिछले शुक्रवार को घर से बगल के बाजार जाने की बात कहकर निकला था। इसके बाद वह वापस घर नहीं लौटा। परिजनों ने उसकी काफी खोजबीन की, लेकिन जब उसका कोई पता नहीं चला तो स्थानीय थाना में गुमशुदगी की शिकायत भी दर्ज कराई गई थी। परिजन लगातार उसकी तलाश कर रहे थे। इसी दौरान उक्त व्यक्ति भटकते हुए बड़कागांव पहुंच गया। उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण वह अपने घर और परिजनों के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दे पा रहा था। इसी बीच चेपाखुर्द निवासी मोहम्मद मुजफ्फर आलम की नजर उस पर पड़ी। उन्होंने उससे बातचीत कर स्थिति को समझने का प्रयास किया और काफी मशक्कत के बाद उसके परिजनों से संपर्क स्थापित करने में सफल रहे। मुजफ्फर आलम ने मानवता का परिचय देते हुए पहले उक्त व्यक्ति को खाना-पानी खिलाया। उसके कपड़े भी काफी मैले और अस्त-व्यस्त थे। उन्होंने उसके पुराने कपड़े बदलवाकर उसे नए कपड़े उपलब्ध कराए, ताकि वह सम्मानजनक स्थिति में रहे। इसके बाद उसके परिजनों को सूचना देकर उनके आने तक उसकी देखभाल करते हुए इंतजार किया रात करीब 9 बजे उसके परिजन, जिसमें उसके भाई और अन्य रिश्तेदार शामिल थे, बड़कागांव पहुंचे। परिजनों को सामने देखकर उक्त व्यक्ति काफी खुश हो गया। वहीं कई दिनों से अपने बिछड़े परिजन की तलाश कर रहे परिवार के सदस्यों की खुशी का भी ठिकाना नहीं रहा। भावुक माहौल में परिजनों ने मोहम्मद मुजफ्फर आलम का आभार जताया और उनकी मानवीय पहल के लिए उन्हें धन्यवाद दिया।परिजनों ने बताया कि उनका भाई पिछले शुक्रवार को घर से पास के बाजार जाने की बात कहकर निकला था, लेकिन इसके बाद वापस नहीं लौटा। काफी खोजबीन के बावजूद जब उसका पता नहीं चला तो थाना में गुमशुदगी का आवेदन भी दिया गया था। परिवार के लोग लगातार उसकी तलाश में जुटे हुए थे। ऐसे में बड़कागांव में उसके सुरक्षित मिलने और मुजफ्फर आलम द्वारा उसकी देखभाल कर सूचना देने से परिवार को बड़ी राहत मिली है। स्थानीय लोगों ने भी मोहम्मद मुजफ्फर आलम के इस कार्य की सराहना की। लोगों का कहना है कि आज के समय में जब लोग अक्सर दूसरों की परेशानियों से दूरी बना लेते हैं, ऐसे में मुजफ्फर आलम ने एक असहाय व्यक्ति की मदद कर मानवता का उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने न केवल व्यक्ति को सुरक्षित रखा, बल्कि उसके परिजनों की तलाश कर उसे परिवार से मिलाने का सराहनीय कार्य किया। इन कार्य मे अयूब अली, मो० जब्बार एवं बशीर ने सराहनीय योगदान दिया।
Author: news24jharkhandbihar
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